एक साल से स्कूल से गायब हिंदी शिक्षक, 261 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित; बीआरसी पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

एक साल से स्कूल से गायब हिंदी शिक्षक, 261 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित; बीआरसी पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल | New India Times

देवरी विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल डोंगर सलैया में हिंदी विषय के शिक्षक के लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। विद्यालय के प्राचार्य के अनुसार हिंदी शिक्षक हरिकृष्ण चौबे करीब एक वर्ष से स्कूल में अध्यापन कार्य के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। शिक्षक के बीआरसी पद पर नियुक्त होने की जानकारी भी सामने आ रही है। ऐसे में उनकी  विद्यालय से अनुपस्थिति, उपस्थिति दर्ज होने की प्रक्रिया और बीआरसी पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विद्यालय में करीब 261 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां छह स्थायी और तीन अतिथि शिक्षक पदस्थ बताए गए हैं। हिंदी शिक्षक के लंबे समय से विद्यालय में उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की हिंदी विषय की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

प्राचार्य ने बीईओ को दी लिखित जानकारी

एक साल से स्कूल से गायब हिंदी शिक्षक, 261 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित; बीआरसी पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल | New India Times

विद्यालय के प्राचार्य गिरीश मेहरा ने बताया कि हिंदी शिक्षक हरिकृष्ण चौबे करीब एक वर्ष से विद्यालय नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बीआरसी पद पर नियुक्त किए जाने की जानकारी है। इस संबंध में विद्यालय में हिंदी विषय के शिक्षक की कमी से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, देवरी को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है।
प्राचार्य के अनुसार विद्यालय के सरकारी रिकॉर्ड में शिक्षक के हस्ताक्षर नहीं होने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में उनकी ऑनलाइन उपस्थिति किस प्रकार दर्ज की जा रही है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस बिंदु की भी जांच आवश्यक बताई गई है।
बीआरसी पद पर नियुक्ति की पात्रता पर उठे सवाल
क्षेत्र के कुछ शिक्षकों का आरोप है कि हरिकृष्ण चौबे की मूल पदस्थापना माध्यमिक शिक्षक के रूप में है। इसके बावजूद उन्हें बीआरसी पद पर नियुक्त किए जाने को लेकर निर्धारित पात्रता और विभागीय नियमों की जांच की मांग उठ रही है। हालांकि, नियुक्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नियुक्ति आदेश, पात्रता और शासन के संबंधित नियमों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

261 विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर चिंता
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिक्षक को विभागीय कार्य के लिए अन्य जिम्मेदारी सौंपी गई है, तो विद्यालय में हिंदी विषय के अध्यापन के लिए वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
अब मामले में विद्यालय के उपस्थिति रजिस्टर, ऑनलाइन अटेंडेंस, शिक्षक के नियुक्ति आदेश, बीआरसी पद की पात्रता और विद्यार्थियों की पढ़ाई की स्थिति की विभागीय जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिक्षक की अनुपस्थिति और बीआरसी पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप है या नहीं।

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