इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

दमोह में विकास कार्यों और व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं दमोह विधायक जयंत मलैया द्वारा नगरपालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और नेताओं पर गरीबों से कुटीर के नाम पर पैसे वसूलने संबंधी दिए गए बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। मलैया का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
मलैया के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके बड़े भाई जयंत मलैया ईमानदारी और गरीबों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “गरीबों से पैसा क्यों लेना? पूरे भारत और मध्यप्रदेश में इतने बड़े-बड़े लोग हैं, उनसे पैसा ले लो।”
मुकेश नायक ने कहा कि जयंत मलैया के पास फिलहाल कोई काम नहीं है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मलैया को कोई काम नहीं मिलता है तो भोपाल में एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाना चाहिए, जिसमें भाजपा के सभी विधायक और पार्षद शामिल हों और मलैया से यह प्रशिक्षण लें कि बड़े लोगों से पैसा कैसे वसूला जाता है।
नायक ने आगे कहा कि नगरपालिका का बजट तीन-चार करोड़ रुपये का है, उसमें कितना पैसा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जयंत मलैया ने तीन-तीन लाख करोड़ रुपये के सरकार के बजट बनाए हैं, इसलिए वे अच्छी तरह जानते होंगे कि मध्यप्रदेश में कौन बड़ा आदमी है और कौन पैसा दे सकता है। उन्होंने कहा कि “गरीबों से पैसा लेने की बजाय बड़े लोगों से पैसा लिया जाना चाहिए।”
इस बयान के बाद दमोह की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
