नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का अलग-अलग कारणों से हो रहा महाराष्ट्र दौरा मुख्य धारा की मीडिया के साथ-साथ सरकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने किनारे कर दिया है। आदिवासी छात्रों की पीड़ा जानने के लिए नासिक पहुंचे राहुल गांधी को मराठी न्यूज़ चैनलों ने कुछ मिनट तक कवरेज़ दे कर बाद में स्क्रीन से हटा दिया। इस दौरे में राहुल ने सरकारी तिजोरी से 40 हजार करोड़ रुपए खर्च कर आयोजित किए जाने वाले नासिक सिंहस्थ अर्ध कुंभ के प्रबंधन में किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं।

राहुल ने कहा कि कुंभ की आड़ में किए जा रहे भ्रष्टाचार के बारे में वे संसद मे बात रखेंगे। महाराष्ट्र सरकार की तिज़ोरी से चलने वाले फेसबुक पेज़ Maharashtra DGIPR पर नेता विपक्ष के दौरे से जुड़ी एक भी खबर – जानकारी प्रकाशित नहीं है। प्रोटोकॉल के मुताबिक संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के नेता विपक्ष को सरकारी स्तर पर कैबिनेट मंत्री का ओहदा है। लोकतांत्रिक प्रणाली में संवैधानिक संरक्षण प्राप्त नेता विपक्ष की भूमिका को सरकार के समकक्ष जगह मिलनी चाहिए।
सरकारी सिस्टम पर नज़दीक से नज़र रखने वाले विवेकवादी नागरिक आरोप लगा रहे है कि Maharashtra DGIPR का पेज़ सरकार की भेस में बीजेपी का प्रचार प्लेटफॉर्म बन गया है। पुणे में संपन्न छात्रो की गूंज सम्मेलन में “मनुस्मृति” पर राहुल के करारे हमले से RSS विचार परिवार और देवेन्द्र फड़नवीस की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
