मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने बुधवार को जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर राजस्व विभाग के विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, राजस्व वसूली, अवैध उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई, फॉर्मर रजिस्ट्री एवं सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, जिला मुख्यालय के सभी संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खनिज अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अवैध उत्खनन के प्रकरणों की समीक्षा
कलेक्टर नारायण ने जिले में अवैध उत्खनन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। खनिज अधिकारी ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से 1 सितंबर 2026 तक अवैध उत्खनन के कुल 35 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 15 प्रकरणों में 7 लाख 9 हजार 816 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की जा चुकी है, जबकि 20 प्रकरणों में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
कलेक्टर नारायण ने निर्देश दिए कि अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई को और सख्त किया जाए तथा जुर्माने की राशि बढ़ाने संबंधी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध निरंतर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रकार की गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके।
नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर नारायण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी कारणों से लंबित प्रकरणों का संबंधित तकनीकी टीम से समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन माह से अधिक अवधि तक कोई भी नामांतरण अथवा बंटवारा प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए नियमित समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही तय करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
सितंबर माह में 40 प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य
राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर नारायण ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सितंबर माह में निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के कम से कम 40 प्रतिशत की वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी अधिकारी लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष अभियान चलाकर नियमित समीक्षा करें और वसूली कार्य में अपेक्षित गति लाएं।
सर्पदंश पीड़ित परिवारों को समय पर मिले सहायता राशि
कलेक्टर नारायण ने सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर पात्र परिवारों को शासन की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर नारायण ने निर्देश दिए कि जिन विकासखंडों में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, वहां के साथ-साथ अन्य विकासखंडों में भी प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे स्वयं सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा प्रत्येक शिकायत के निराकरण की प्रभावी मॉनिटरिंग करें। कलेक्टर नारायण ने शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने पर बल दिया।
इस दौरान उन्होंने तहसीलदार बिछुआ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का लगातार बेहतर एवं संतोषजनक निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने अन्य अधिकारियों को भी इसी प्रकार सक्रियता एवं संवेदनशीलता के साथ शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
