आशिफ शाह, ब्यूरो चीफ भिंड (मप्र), NIT:
आजाद समाज पार्टी के नेता करू यादव मंडल ने मीडिया से बातचीत के दौरान ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग को लेकर सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि 15 सितंबर तक हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित नहीं की जाती है, तो आजाद समाज पार्टी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
करू यादव मंडल ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर किसी एक समाज के महापुरुष नहीं, बल्कि पूरे देश के महान व्यक्तित्व हैं। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। ऐसे में न्याय के मंदिर कहे जाने वाले हाईकोर्ट परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस विषय पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
करू यादव मंडल ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक मांग पूरी नहीं हुई तो कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि आंदोलन की स्थिति पैदा होने से पहले ही मामले का समाधान किया जाए।
करणी सेना पर भी साधा निशाना
मीडिया से चर्चा के दौरान करू यादव मंडल ने करणी सेना को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने करणी सेना को संबोधित करते हुए उसे “चटनी सेना” कहकर निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय संगठनों को जनता से जुड़े वास्तविक सवालों पर अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल में बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।
मौ नगर में शिक्षा और रोजगार का मुद्दा भी उठाया
करू यादव मंडल ने ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के मुद्दे के साथ-साथ मौ नगर में शिक्षा और रोजगार की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार का संकट है और शिक्षा के क्षेत्र में भी पर्याप्त सुविधाओं की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को काम की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।
करू यादव मंडल ने कहा कि आजाद समाज पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान तथा संविधान से जुड़े अधिकारों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि आगामी आंदोलन को लेकर संगठन को मजबूत किया जाए और लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार और प्रशासन तक पहुंचाई जाएं।
गौरतलब है कि ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने का मुद्दा पहले भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा में रहा है। आजाद समाज पार्टी के नेताओं की ओर से इस मामले को लेकर पहले भी आंदोलन और प्रतिमा स्थापना की मांग उठाई जा चुकी है।
