PM आवास योजना के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल से साइबर ठगी की कोशिश, पुलिस ने समय रहते संभाला मामला | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। एक अज्ञात साइबर ठग ने कथित तौर पर फर्जी APK फाइल के जरिए एक युवक के WhatsApp अकाउंट पर कब्जा कर लिया और उसके रिश्तेदारों एवं दोस्तों को दुर्घटना की फर्जी फोटो भेजकर पैसों की मांग करने लगा।

क्या है पूरा मामला?

चटुआ नवेगांव, थाना जुन्नारदेव निवासी आयुष उइके (19), पिता गुरु दयाल का WhatsApp अकाउंट शनिवार, 29 अगस्त को कथित रूप से हैक हो गया। पीड़ित के अनुसार, उसके WhatsApp पर ‘PM AWAS YOJNA’ के नाम से एक APK फाइल भेजी गई थी। गलती से उस फाइल पर क्लिक करने के बाद उसने उसे डाउनलोड कर लिया।

फाइल डाउनलोड होने के बाद साइबर ठग ने कथित तौर पर उसके WhatsApp अकाउंट पर नियंत्रण कर लिया। इसके बाद ठग ने आयुष की एक फर्जी दुर्घटना की फोटो तैयार कर उस पर पेमेंट QR कोड लगाया और उसके संपर्क सूची में मौजूद लोगों को भेजना शुरू कर दिया। संदेश के माध्यम से आपात स्थिति बताकर पैसों की मांग की गई।

आयुष के कुछ दोस्तों को जब इस संबंध में संदेश मिले तो उन्होंने फोन कर दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आयुष को अपने WhatsApp अकाउंट के साथ हुई घटना की जानकारी हुई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित तत्काल जुन्नारदेव थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़ित के अनुसार, उपनिरीक्षक मुकेश डोंगरे ने मोबाइल की जांच की तथा उसमें मौजूद संदिग्ध APK फाइल को हटाने की कार्रवाई की। इसके बाद WhatsApp को दोबारा इंस्टॉल कर अकाउंट को सुरक्षित किया गया।

पुलिस एवं साइबर सेल की अपील

अज्ञात APK फाइल डाउनलोड न करें: किसी अनजान नंबर, WhatsApp ग्रुप या व्यक्ति से प्राप्त होने वाली APK फाइल को बिना जांचे डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

सरकारी योजनाओं के नाम पर रहें सावधान: प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त रिचार्ज, लॉटरी या अन्य आकर्षक योजनाओं के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक और फाइलों पर क्लिक न करें।

पैसे भेजने से पहले करें पुष्टि: यदि कोई मित्र या रिश्तेदार WhatsApp अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से दुर्घटना, बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति का हवाला देकर तत्काल पैसे मांगता है, तो पहले सीधे फोन करके या व्यक्तिगत रूप से इसकी पुष्टि करें।

साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत करें: संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत आवश्यक सुरक्षा कदम उठाएं और साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर दर्ज करें।

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