अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

आनंदराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर में रक्षाबंधन का पावन पर्व हर्षोल्लास, प्रेम एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के भैया-बहनों, आचार्यों एवं दीदी जी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यालय परिसर में आपसी स्नेह एवं भाईचारे का सुंदर वातावरण देखने को मिला। भैया-बहनों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधी। वहीं, आचार्यों एवं दीदी जी ने भी परस्पर राखी बांधकर एक-दूसरे के प्रति स्नेह, सम्मान, सहयोग एवं विश्वास की भावना व्यक्त की।इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे के सुख, स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, कर्तव्य, आत्मीयता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। विद्यालय परिवार ने इस पर्व के माध्यम से परस्पर सहयोग एवं सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे के सुख, स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, कर्तव्य, आत्मीयता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। विद्यालय परिवार ने इस पर्व के माध्यम से परस्पर सहयोग एवं सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार ने कहा कि भारतीय पर्व-त्योहार हमारी संस्कृति, संस्कार एवं पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने सभी से आपसी प्रेम, सम्मान एवं सहयोग की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, अपनत्व एवं भारतीय संस्कारों से परिपूर्ण रहा।
