हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

नगर पालिका परिषद अहरौरा में जनप्रतिनिधियों और पालिका प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पालिका की महत्वपूर्ण बजट बैठक का सभासदों ने लगातार तीसरी बार बहिष्कार कर दिया। बैठक में महज पांच सभासदों के पहुंचने से कोरम पूरा नहीं हो सका और बजट पर चर्चा नहीं हो पाई।

बहिष्कार करने वाले सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) और पालिका प्रशासन पर वित्तीय अनियमितता, पारदर्शिता के अभाव तथा नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सभासदों का आरोप है कि पालिका में वित्तीय एवं विकास कार्यों से संबंधित जानकारी मांगने के लिए कई बार लिखित पत्र दिए गए, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा कुछ लोगों को नियमों के विपरीत वित्तीय लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
सभासदों ने कहा कि जब तक उनके लिखित सवालों का जवाब देने के साथ ही पालिका के वित्तीय लेन-देन और विकास कार्यों का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक वे बजट बैठक में शामिल नहीं होंगे। लगातार तीसरी बार बैठक का बहिष्कार होने से पालिका की कार्यप्रणाली और बजट प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बहिष्कार करने वाले सभासदों में आशीष अग्रहरि, इरशाद आलम, प्रमोद मौर्य, सलीम, मंजू देवी, श्वेता सिंह, कृष्णा तिवारी, अशोक प्रभु, संजय पटेल, दुलारे पटेल, संजय सोनल सोनकर, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, विनोद और ललित सोनकर सहित अन्य सभासद शामिल रहे।

