वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
शारदा नगर रेंज के उसिया और सकेथू बीट में प्रतिबंधित प्रजाति के हरे पेड़ों का अवैध कटान थम नहीं रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत से लकड़ी ठेकेदार दिन-दहाड़े शीशम, जामुन, गूलर और नीम के पेड़ काट रहे हैं।प्रदेश सरकार जहां पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर पौधारोपण अभियान चला रही है, वहीं जमीनी हकीकत इसके उलट है। जानकारी के अनुसार, बड़ागांव पंचायत के बेनीपुरवा, सिरसी, रुखिया और आसपास के गांवों में बीते कई दिनों से अवैध कटान का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार रात बेनीपुरवा में आधा दर्जन से अधिक गूलर और आम के हरे-भरे विशाल पेड़ काटकर गायब कर दिए गए। वहीं रुखिया गांव में नीम, जामुन और गूलर के पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदारों ने कटान का तरीका भी बदल दिया है। पेड़ काटने के बाद उसकी जड़ को भी जमीन से उखाड़कर जगह को समतल कर दिया जाता है, ताकि जांच में कोई भौतिक साक्ष्य न मिले। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले में वन दरोगा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब से नए वन क्षेत्राधिकारी ने चार्ज संभाला है, तब से अवैध कटान में तेजी आई है। क्षेत्र में चर्चा है कि रेंजर अरुण कुमार श्रीवास्तव की तेजतर्रार कार्यशैली के बावजूद उनके मातहतों की संदिग्ध गतिविधियों से विभाग की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, मामले की जांच कराई जा रही है।
