जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक मामले की कार्रवाई को लेकर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार के बीच तीखी बहस का मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि मामले की एफआईआर थाना कुरावर में दर्ज किए जाने को लेकर विवाद था, जबकि चंद्रशेखर तिवारी इसे थाना जहांगीराबाद में दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।
बहस के दौरान चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि विधायक आरिफ मसूद के कहने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने किसी भी प्रकार के राजनीतिक, सामाजिक अथवा अन्य दबाव में काम करने से इनकार किया।
राजन सिंह अहिरवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस कानून के अनुसार काम करेगी और किसी व्यक्ति, वर्ग, सत्ता पक्ष या विपक्ष के दबाव में कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके लिए मानवता सबसे बड़ा धर्म है और वे न्याय के सिद्धांत पर कायम रहेंगे।
एटीएस में करीब सात वर्ष का अनुभव
थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार मध्य प्रदेश पुलिस के अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। जहांगीराबाद थाने की जिम्मेदारी संभालने से पहले उन्होंने एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) में करीब सात वर्षों तक सेवाएं दी हैं। संवेदनशील मामलों और कानून-व्यवस्था से जुड़े अनुभव के कारण उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती रही हैं।
उत्कृष्ट पुलिस सेवा और कार्य के लिए राजन सिंह अहिरवार को पुलिस विभाग की ओर से सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें पुलिस महानिदेशक की ओर से डीजी डिस्क तथा के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
नशामुक्ति अभियान में भी सक्रिय भूमिका
भोपाल पुलिस के निर्देशन में चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत राजन सिंह अहिरवार द्वारा युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के प्रयास किए गए हैं। अभियान के दौरान स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और रैलियों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
दबावमुक्त पुलिसिंग पर जोर
राजन सिंह अहिरवार की कार्यशैली में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई और दबावमुक्त पुलिसिंग पर जोर दिखाई देता है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष के साथ हुई बहस के दौरान भी उन्होंने इसी बात को दोहराया कि पुलिस किसी भी अनुचित दबाव में काम नहीं करेगी।
हालांकि, पूरे मामले के सभी पक्षों और संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। पुलिस का पक्ष यह है कि कार्रवाई कानून और नियमों के अनुसार की जाएगी।
