समर्थको ने किया गिरीश महाजन का जोरदार स्वागत : दिलीप खोड़पे ने की इस्तीफे की मांग | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

समर्थको ने किया गिरीश महाजन का जोरदार स्वागत : दिलीप खोड़पे ने की इस्तीफे की मांग | New India Times

कुंभ के लिए बोगस वर्क ऑर्डर्स केस की पोल खुलने के बाद हरकत में आए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने नासिक के अभिभावक मंत्री के तौर पर गिरीश महाजन की ज़िम्मेदारी सुनिश्चित कर दी है। गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर में एनसीपी नेता दिलीप खोड़पे ने मंत्री गिरीश महाजन से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की है। खोड़पे के नेतृत्व में कचहरी पहुंची टीम में शरीक कांग्रेस शिवसेना के दमदार नेताओं ने कैमरे के सामने अपने चेहरे चमकाए।

समर्थको ने किया गिरीश महाजन का जोरदार स्वागत : दिलीप खोड़पे ने की इस्तीफे की मांग | New India Times

दिलीप खोड़पे ने वर्क ऑर्डर्स घोटाले की जांच की पारदर्शिता की ओर इशारा किया। कहा नासिक में 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने जा रही सड़कों के गुणवत्ता की जांच होनी है। कल देर रात नासिक से जामनेर पधारे मंत्री गिरीश महाजन का उनके समर्थकों ने ज़ोरदार स्वागत किया। नैतिकता के बारे में गांधीजी से जुड़ा प्रसंग लुई फिशर की किताब में दर्ज है। सेवाग्राम आश्रम में अमरीकी पत्रकार लुई फिशर ने महात्मा गांधी से पूछा कि आप राजनीति मे किस लिए आए तब गांधीजी ने कहा नैतिकता की कसौटी परखने की प्रयोगशाला राजनीति है इस लिए मैं राजनीति में आया।

समाज नहीं कुछ लोग बुरे हैं : लोंढे
सचिन साठे एक स्कूल मे चपरासी की नौकरी करता है और हमे डॉ बाबा भीमराव आंबेडकर के बारे में ज्ञान दे रहा है। RSS के खूंटे से बंधे लोगों का हम सार्वजनिक रूप से विरोध करते हैं। सिद्धार्थ सुरलकर के इस भाषण के बाद रुक्मिणी लोंढे ने अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण विरोधी कृति समिति के मंच से मातंग समाज के लोगों से संवाद स्थापित किया। मातंग समाज से आने वाली रुक्मिणी ने कहा मेरा समाज बुरा नहीं है समाज के कुछ लोग बुरे हैं।

अन्ना भाऊ साठे से रिश्ता जोड़ने वाले सचिन को बाबा साहब का समाज मंजूर नहीं तो मुझे अन्ना भाऊ का वंशज मान्य नहीं है। पुणे – नागपुर चक्कर काटने के बजाय सचिन को मातंग समाज के उत्थान के लिए संसद भवन पर जाना चाहिए। आंदोलन की सफलता के लिए समाज बंधु समता सैनिक दल ने योगदान दिया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version