शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
पुरानी पेंशन बहाली, टीईटी अनिवार्यता एवं निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को एनएमओपीएस-अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आह्वान पर प्रदेशव्यापी तिरंगा यात्रा के तहत गोरखपुर में भी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अटेवा के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था के कारण कर्मचारियों और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को पूर्व की भांति बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने एनपीएस और यूपीएस को स्वीकार नहीं किया है।
जिला उपाध्यक्ष राजकुमार एवं संतोष पाठक ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों और शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है। जिला कोषाध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद एवं अर्जुन गुप्ता ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक सिंह एवं जिला प्रवक्ता अवनिंद्र कुमार सिंह ने निजीकरण का विरोध करते हुए इसे निम्न एवं मध्यम वर्ग के भविष्य के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कोरोना काल में स्वास्थ्यकर्मियों, फार्मासिस्ट, नर्स, चिकित्सकों, सफाईकर्मियों और पुलिसकर्मियों द्वारा दी गई सेवाओं का उल्लेख करते हुए ऐसे कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की।
कार्यक्रम को अखंड प्रताप सिंह, रुपेश कुमार श्रीवास्तव, तारकेश्वर शाही, दुर्गाविजय सिंह और पवन तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील कुमार दूबे, ज्ञान प्रकाश सिंह, संतोष पाठक, राजकुमार, इश्तियाक अहमद, सीमा सिंह, अर्जुन गुप्ता, यादवेंद्र यादव, वीरेंद्र प्रसाद, अशोक सिंह, मनोज शर्मा, रामप्रसाद, हरेराम यादव, आदित्य सिंह, अर्चना गुप्ता, पूनम रानी, प्रियंका, अनुराधा सोनकर, उर्मिला मौर्य, पूजा सिंह, रंजना मौर्या सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे।
