मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में ग्राम कोटखारी निवासी खातेदार मेहतलाल पिता खेमचंद बरसिया की अनुपस्थिति में कथित रूप से 1.20 लाख रुपये की एफडी तोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। खातेदार को इसकी जानकारी उस समय हुई, जब वह एफडी की अवधि बढ़वाने के लिए बैंक पहुंचा।
बैंक पहुंचने पर शाखा प्रबंधक ने खातेदार को बताया कि उसकी एफडी पहले ही टूट चुकी है। इस पर खातेदार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उसने एफडी तोड़ने के लिए कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं। खातेदार का आरोप है कि उसकी पत्नी लता और बेटे पीयूष द्वारा उसके फर्जी हस्ताक्षर कर एफडी बैंक से तुड़वाई गई।
मामले को लेकर खातेदार ने 19 फरवरी को बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद बैंक द्वारा एफडी की राशि खातेदार के संयुक्त खाते में पुनः जमा कर दी गई।
इस संबंध में हमारे प्रतिनिधि ने शाखा प्रबंधक से जानकारी ली। शाखा प्रबंधक ने बताया कि एफडी में हस्ताक्षर का मिलान होने के बाद ही उसे तोड़ा गया था। वहीं, खातेदार की पत्नी द्वारा पति की बीमारी का हवाला दिए जाने पर बैंक प्रबंधक ने कथित तौर पर कहा कि खेमचंद बरसिया के हस्ताक्षर कराकर लाने पर एफडी तोड़ी जा सकती है।
मामले में खातेदार द्वारा लगाए गए फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों को लेकर बैंक की प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
