वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
नगर की लखीमपुर रोड पर एचडीएफसी बैंक के पास वाली गली में एक मकान की छत पर लगे टेलीकॉम टॉवर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टॉवर से जुड़े भारी-भरकम उपकरण मकान के छज्जे पर रखे गए हैं और उन्हें रस्सी के सहारे बांधा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उपकरणों को बिना मजबूत एंकरिंग, निर्धारित बेस या सुरक्षित माउंटिंग के छज्जे पर रखा गया है, तो तेज हवा, कंपन या किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में इनके गिरने का खतरा बना रह सकता है। ऐसे में नीचे से गुजरने वाले लोगों और आसपास के मकानों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
क्या छज्जे की भार-वहन क्षमता की जांच हुई?
टॉवर लगाने की अनुमति होने मात्र से भवन की छत या छज्जे पर भारी उपकरण रखने की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिस स्थान पर उपकरण रखे गए हैं, वहां की भार-वहन क्षमता और संरचनात्मक मजबूती की अधिकृत जांच कराई गई है या नहीं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर टॉवर के साथ लगाए गए उपकरणों की माउंटिंग, एंकरिंग और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करे। साथ ही टॉवर से संबंधित अनुमति, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की भी जांच की जाए।
हादसे के बाद कार्रवाई या पहले जांच?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का सवाल है कि क्या टॉवर और उसके उपकरणों की स्थापना से पहले सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की गई थी या केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया?
फिलहाल स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का स्थलीय निरीक्षण कर टॉवर की संरचनात्मक मजबूती, उपकरणों की सुरक्षित माउंटिंग और सभी आवश्यक अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले स्थिति स्पष्ट हो सके।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग शिकायत का संज्ञान लेकर जांच करता है या किसी संभावित हादसे के बाद ही टॉवर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे।
