नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कुंभ नगरी नासिक की दुर्दशा का शिकार हुए 10 नागरिकों की मौत के विरोध में शिवसेना ने नासिक में मनपा के बाहर आंदोलन किया। सांसद संजय राऊत ने बोगस वर्क ऑर्डर घोटाले का ज़िक्र करते हुए कुंभ मंत्री गिरीश महाजन के कामकाज को फडणवीस सरकार के भ्रष्टाचार का जामनेर पैटर्न करार दिया। इसी दौरान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने गिरीश महाजन को नासिक का अभिभावक मंत्री घोषित कर दिया। कुछ दिन पहले 600 करोड़ के बोगस वर्क ऑर्डर्स केस में गिरीश महाजन के भतीजे तनय को गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तनय अनंत महाजन 2 करोड़ 72 लाख , नरेन्द्र तोताराम महाजन 36 लाख , शकील शेख के बैंक अकाउंटस में 86 लाख रुपए पाए गए इस प्रकरण में कुल 50 आरोपी बन सकते हैं। गिरीश महाजन ने इस पूरे प्रकरण से पुलिस को अवगत कराया जिसके बाद घोटाले की पोल खुली। राजनीतिक जानकारों के अनुसार देवेन्द्र फड़नवीस ने गिरीश महाजन को आधिकारिक रूप से प्रशासन का राजकीय प्रमुख बनाकर आगामी समय में कुंभ की सारी जवाबदेही महाजन के ऊपर तय कर दी है। शिखर कमेटी में CM के बाद मंत्री कमेटी में कुंभ मंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विदित हो कि महाराष्ट्र सरकार में शामिल मंत्रियों के सारे स्वतंत्र अधिकार अब मुख्यमंत्री के पास होंगे। श्री विठ्ठल भगवान की अशासकीय पूजा के लिए पंढरपुर में दाखिल मंत्री गिरीश महाजन ने अभिभावक मंत्री को लेकर मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत किया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री रहते उद्धव ठाकरे ने छत्रपति संभाजी नगर औरंगाबाद की जनसभा में बाबरी मस्जिद विवादित ढांचे के संदर्भ में बीजेपी विधायक अतुल सावे के पिता मोरेश्वर की गवाही को सार्वजनिक किया जिसके फ़ल स्वरूप देवेन्द्र फड़नवीस ने अतुल सावे को कैबिनेट मंत्री बनाया है। गिरीश महाजन को बहाल किए गए नासिक के प्रभारी मंत्री पद का श्रेय उपहासात्मक रूप से संजय राऊत के आंदोलन को दिया जा रहा है।
