अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश के कई जिलों से भोपाल पहुंचे नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने सोमवार को नीलम पार्क में धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और न्यायिक प्रक्रिया के चलते उनका भविष्य पिछले करीब छह वर्षों से प्रभावित हो रहा है। समय पर परीक्षाएं नहीं होने, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं होने तथा छात्रवृत्ति में देरी के कारण हजारों विद्यार्थी परेशान हैं।
प्रदर्शन में B.Sc. Nursing और GNM के विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रों ने सरकार से मामले में तत्काल निर्णय लेने के साथ प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। छात्रा बिरोलिता लाल ने कहा कि सरकार को जल्द हस्तक्षेप कर नर्सिंग मामले की स्पेशल बेंच के माध्यम से शीघ्र सुनवाई करानी चाहिए, ताकि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बचाया जा सके।
छात्र विकास और छात्रा फिरोजा जहां ने कहा कि कॉलेजों की मान्यता और उसकी वैधता की जांच करना छात्रों की जिम्मेदारी नहीं है। यदि किसी कॉलेज को गलत तरीके से मान्यता दी गई है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित कॉलेज प्रबंधन की तय होनी चाहिए। विद्यार्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने भी सरकार से प्रत्येक छात्र को एक लाख रुपये कंपनसेशन देने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद वे परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में उलझे हुए हैं। इसका सीधा असर उनकी आगे की पढ़ाई, नौकरी और करियर पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि B.Sc. Nursing और GNM के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना किसी और विलंब के एक साथ कराई जाएं। इसमें suitable, unsuitable और ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं।
प्रदर्शन के दौरान मनोज रजक ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस निर्णय ले। विद्यार्थियों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। जब तक उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
