सद्दाम हुसैन, ब्यूरो चीफ, लखनऊ (यूपी), NIT:
इमामबाग निवासी सैयद मंजर द्वारा पत्रकार गणेश मौर्य पर कथित रूप से ‘बांग्लादेशी’ होने का आरोप लगाए जाने के बाद विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। पत्रकार गणेश मौर्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्षी पक्ष को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पत्रकार का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई वैधानिक आधार नहीं है। उन्होंने विपक्षी पक्ष की पहचान और पुराने सरकारी अभिलेखों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि अब्दुल्लापुर निवासी मुराद अली शाह, पुत्र खुर्शीद शाह, से संबंधित पुराने अभिलेखों में पेशे और पहचान के संबंध में ‘शाह फकीर’ दर्ज होने का उल्लेख मिलता है, जबकि वर्तमान में ‘सैयद’ नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने रखी जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित सरकारी अभिलेखों से ही हो सकेगी।

गणेश मौर्य ने कहा कि वकालत और न्यायालय की प्रक्रिया ठोस साक्ष्यों एवं तथ्यों पर आधारित होती है। उन्होंने अपनी पहचान और आय के स्रोतों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने मेहनत और ईमानदारी से अपनी पहचान बनाई है तथा किसी की जमीन हड़पकर भू-माफियागिरी नहीं की।

उन्होंने दोनों पक्षों की चल-अचल संपत्ति और आय के स्रोतों की निष्पक्ष सरकारी एजेंसी से जांच कराने की चुनौती दी है। साथ ही कहा कि यदि उनके खिलाफ ‘बांग्लादेशी’ होने के आरोप का कोई वैधानिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो वह संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई करेंगे।
मामला अब स्थानीय स्तर के साथ-साथ अदालत परिसर में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

