अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेसी विधायक आतिफ अकील द्वारा भव्य एवं विशाल ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’ तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह तिरंगा यात्रा भोपाल टॉकीज चौराहे से शुरू होकर इमामी गेट तक निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर देशभक्ति, एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने एक साथ शिरकत की और सर्वधर्म समभाव, आपसी सद्भाव और गंगा-जमुनी तहज़ीब को मजबूत करने का संदेश दिया। यात्रा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ हाल ही में जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आए जुनैद भी विशेष रूप से शामिल हुए।

रैली के उद्देश्यों और अपनी पारिवारिक परंपरा का जिक्र करते हुए कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने बताया कि ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’ रैली का यह 33वां वर्ष है। उन्होंने कहा कि इस अनूठी परंपरा की शुरुआत उनके वालिद और पूर्व विधायक आरिफ अकील ने की थी। इसका उद्देश्य देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को मजबूत करना और समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सद्भाव को बढ़ावा देना है।
आतिफ अकील ने कहा कि उनकी कोशिश है कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी मिल-जुलकर एकता के साथ रहें। उन्होंने साझा संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही थाली में मिल-बैठकर खाना खाना हमारे आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यह मुहिम केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भोपाल से शुरू होकर मोहब्बत और भाईचारे का यह पैगाम पूरे मध्य प्रदेश और देशभर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि हर साल इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों का भरपूर सहयोग मिलता है और लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ इसमें शामिल होते हैं।
तिरंगा यात्रा के दौरान हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर लोगों ने देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’ सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि नफरत के खिलाफ मोहब्बत, तफरके के खिलाफ इत्तेहाद और हर इंसान के लिए बराबरी का संदेश है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकली इस यात्रा ने राजधानी भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब, सर्वधर्म समभाव और सामाजिक सौहार्द की तस्वीर पेश करते हुए देश की एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
