थावरी मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों से कथित लूट के आरोप, प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

थावरी मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों से कथित लूट के आरोप, प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश | New India Times

केसली ब्लॉक के थावरी सेवा सहकारी समिति द्वारा संचालित मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों से कथित लूट और खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र पर कचरा-मिट्टी मिली गुणवत्ताहीन मूंग की खरीदी की जा रही है, जबकि अच्छी उपज लेकर पहुंचने वाले किसानों को गुणवत्ता जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है। खरीदी केंद्र पर व्यापारियों और बिचौलियों की सक्रियता के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सागर अपर कलेक्टर अविनाश रावत और केसली एसडीएम राजनंदनी शर्मा ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और खरीदी केंद्र की जांच कराने तथा अनियमितता या लापरवाही मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अपर कलेक्टर अविनाश रावत ने कहा कि थावरी सेवा सहकारी समिति द्वारा संचालित मूंग खरीदी केंद्र की जांच कराई जाएगी। लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम राजनंदनी शर्मा ने भी खरीदी केंद्र से संबंधित शिकायतों की जानकारी मिलने की बात कहते हुए देवरी एसडीएम से समन्वय कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

स्वीकृत केंद्र की जगह देवरी के वेयरहाउस में संचालन का आरोप
किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मूंग खरीदी केंद्र केसली ब्लॉक के लिए स्वीकृत है, लेकिन इसका संचालन देवरी ब्लॉक स्थित एक वेयरहाउस में किए जाने की बात सामने आ रही है। इससे किसानों को उपज लेकर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने केंद्र पर समिति प्रबंधक के बजाय अन्य लोगों की सक्रियता और कथित बिचौलियों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं।
केंद्र प्रभारी की भूमिका को लेकर भी किसानों ने जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि केंद्र पर अधिकृत प्रभारी कौन है और खरीदी, तौल, गुणवत्ता जांच व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी किस-किस कर्मचारी की है।

राजनीतिक संरक्षण के आरोप, पुष्टि बाकी
स्थानीय लोगों ने कुछ लोगों को स्थानीय भाजपा नेताओं का कथित संरक्षण प्राप्त होने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है। प्रशासनिक जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
किसानों ने खरीदी केंद्र पर खरीदी गई मूंग की गुणवत्ता, पंजीयन, तौल, भुगतान, स्टॉक, बारदाना, खरीदी रजिस्टर, सर्वेयर की रिपोर्ट तथा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की है। साथ ही व्यापारियों या बिचौलियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की गई है।
अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि खरीदी केंद्र पर नियमों का पालन हुआ या नहीं और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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