आलम वारसी, ब्यूरो चीफ, मुरादाबाद (यूपी), NIT:

कभी अवैध शराब के कारोबार के लिए पहचानी जाने वाली भातू और हबूड़ा बस्तियों में अब बदलाव की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रयासों से करीब 600 परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। बस्ती को आदर्श कॉलोनी के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेलों तथा कौशल विकास शिविरों का आयोजन किया गया। अब तक 120 से अधिक युवा ई-रिक्शा चलाकर आजीविका कमा रहे हैं, जबकि 50 से अधिक लोग निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में रोजगार से जुड़े हैं। 50 से अधिक परिवारों ने दुकान और ठेले के माध्यम से स्वरोजगार शुरू किया है। करीब 110 लोग दिहाड़ी मजदूरी तथा 10 लोग सरकारी नौकरी कर रहे हैं।
84 बच्चों का कराया स्कूल में दाखिला
बस्ती के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में 84 बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया था। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अब तक 80 बच्चों का पंजीकरण कराया जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य इस संख्या को 100 से अधिक तक पहुंचाना है।
खेलों के प्रति बच्चों और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 150 बच्चों का फुटबॉल, क्रिकेट और बॉक्सिंग सहित विभिन्न खेलों में पंजीकरण कराया गया है। 90 बच्चों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ा
बस्ती के सभी 600 परिवारों का घर-घर सर्वे कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। नौ स्वास्थ्य शिविरों में 2,969 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। 3,544 लोगों की आयुष्मान आईडी और 1,340 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। वहीं 290 बच्चों का पूर्ण टीकाकरण कराया गया।
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 90 बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन, 125 महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन, 14 परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ तथा 10 बालिकाओं को कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिलाया गया है। पात्र परिवारों के राशन कार्ड भी बनाए गए हैं।
पार्क और ओपन जिम विकसित करने की तैयारी
बस्ती में खाली जमीन का सर्वे कर आधुनिक पार्क और ओपन जिम विकसित करने की योजना बनाई गई है। जिन घरों में बिजली की सुविधा नहीं थी, वहां नए कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। गलियों और रास्तों में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य भी किया गया है। विकास कार्यों की निगरानी के लिए भातू कम्युनिटी उत्थान समिति का गठन किया गया है, जिसकी नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि भातू और हबूड़ा बस्ती को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर आदर्श कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा। परिवारों को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को शिक्षा व खेल और युवाओं को रोजगार से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से बस्ती के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।
