गणेश मौर्या, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:
हंसवर थाना क्षेत्र के ग्राम भूलेपुर में करीब छह दशक पुराने भूमि विवाद में कथित रूप से जबरन कब्जे और अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। भूलेपुर निवासी अब्बास और हमजा (पुत्रगण मो. इमरान) ने उपजिलाधिकारी टांडा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी भूमिधरी भूमि पर दबंगई के बल पर कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। पीड़ितों के अनुसार, इस मामले में पूर्व में न्यायालय द्वारा आदेश भी पारित किए जा चुके हैं।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, विवादित भूमि पुरानी गाटा संख्या 2197 एवं नवीन गाटा संख्या 648 से संबंधित है। आवेदकों का कहना है कि उक्त भूमि उन्होंने पंजीकृत बैनामे के माध्यम से प्राप्त की थी। जमीन पर कब्जे को लेकर वर्ष 1964 में विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में मुंसिफ न्यायालय, अकबरपुर तक पहुंचा।
पीड़ितों के मुताबिक, मूल वाद संख्या 292/64 में न्यायालय ने 29 अप्रैल 1977 को आदेश पारित करते हुए संबंधित पक्षों के संयुक्त कब्जे एवं दखल में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले में सिविल अपील भी दाखिल की गई, जिसमें 25 नवंबर 1980 को पूर्व आदेश की पुष्टि की गई थी।
आरोप है कि पूर्व में पारित न्यायिक आदेशों के बावजूद रियाज अहमद के वारिसान एवं अन्य लोग प्रार्थियों की भूमि पर जबरन कब्जा करने और निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ितों ने आशंका जताई है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो भूमि पर पूरी तरह अवैध कब्जा हो सकता है, जिससे भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मामले को लेकर पीड़ितों ने राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुराने न्यायिक आदेशों के बावजूद कथित कब्जे के प्रयास पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ितों ने एसडीएम टांडा से तत्काल मौके की जांच कराने, कथित कब्जे एवं अवैध निर्माण पर रोक लगाने तथा भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है।
