वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
डग्गामार वाहनों के विरोध में अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। परिवहन विभाग के ‘मिशन आरोही’ अभियान के तहत लखीमपुर खीरी में बड़ी कार्रवाई करते हुए एआरटीओ शांति भूषण पांडेय के नेतृत्व में 20 वाहन सीज किए गए और 59 वाहनों का चालान किया गया।
जनपद में अवैध टैक्सियों और डग्गामार बसों के बढ़ते संचालन के खिलाफ अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके विरोध में वे पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। यूनियन का आरोप है कि जिले में बड़े पैमाने पर अवैध वाहन संचालित हो रहे हैं, जिससे अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यूनियन की हड़ताल और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया। 5 और 6 अगस्त 2026 को चलाए गए अभियान के दौरान कुल 20 अवैध वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया, जबकि 59 वाहनों के चालान किए गए।
एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने बताया कि सीज किए गए वाहनों में एलआरपी चौराहे से लखनऊ जा रही 7 डग्गामार बसें, 2 स्लीपर बसें और 11 अन्य अवैध वाहन शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
यूनियन का आरोप: सरकारी राजस्व को हो रहा नुकसान
अनुबंधित बस यूनियन के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता और संरक्षक प्रेम प्रकाश बाजपेई ने कहा कि डग्गामार वाहनों के कारण सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध वाहनों के संचालन से अनुबंधित बसों का संचालन करना लगातार कठिन होता जा रहा है। यूनियन ने मांग की है कि जनपद में अवैध वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, तभी वे अपनी हड़ताल समाप्त करेंगे।
