डग्गामार वाहनों पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, 7 बसें और 2 कारें सीज; दूसरे दिन भी ठप रही अनुबंधित बस सेवा | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जनपद में अवैध टैक्सियों और डग्गामार वाहनों के खिलाफ अनुबंधित बस यूनियन की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। लगातार दूसरे दिन लखीमपुर डिपो से अनुबंधित बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हड़ताल के बीच बढ़ते दबाव के बाद परिवहन विभाग हरकत में आया। एआरटीओ खीरी शांति भूषण पांडेय अपनी टीम के साथ सड़कों पर उतरे और सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने 7 अवैध डग्गामार बसों को सीज कर दिया, जबकि अवैध रूप से संचालित 2 एर्टिगा कारों को भी जब्त किया गया।

बताया जा रहा है कि सीज की गई कुछ बसें क्षेत्र के बड़े डग्गामार संचालकों की हैं। एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने कहा कि अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

यात्रियों को परेशानी, रोडवेज को राजस्व का नुकसान

अनुबंधित बसों का संचालन बंद होने से लखीमपुर से यात्रा करने वाले यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।

बस मालिकों का कहना है कि डग्गामार और अवैध वाहनों के समानांतर संचालन के कारण अनुबंधित बसों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल रही थीं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। स्थिति ऐसी हो गई थी कि डीजल का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया था।

हड़ताल के कारण जहां एक ओर आम जनता परेशान है, वहीं दूसरी ओर रोडवेज को भी भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जिला अध्यक्ष बोले— सरकार के राजस्व को लग रहा चूना

अनुबंधित बस यूनियन के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल अनुबंधित बसों पर कार्रवाई करते हैं, जबकि अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।

उन्होंने कहा कि इसी भेदभाव और लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान के कारण बस मालिकों को बसों का संचालन बंद करने जैसा कठोर निर्णय लेना पड़ा। यूनियन का दावा है कि अवैध वाहनों के संचालन से सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है।

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