मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिछले कई वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा है। इसके कारण आदिवासी बहुल जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र के गरीब एवं ग्रामीण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। लगातार मांग और जनप्रतिनिधियों द्वारा आवाज उठाए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर नहीं कर सका है। इसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
43 पद स्वीकृत, केवल 14 पर नियुक्ति
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शासन द्वारा कुल 43 पद स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल 14 पद ही भरे हुए हैं। शेष 29 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इसके कारण क्षेत्रवासियों को उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में कुछ नई नियुक्तियां तो हुई हैं, लेकिन आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण उनका भी अपेक्षित लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
वर्तमान में मेडिकल विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ (एनेस्थेटिस्ट), चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, ओटी टेक्नीशियन, अस्पताल सहायक सहित अन्य आउटसोर्स पद भी रिक्त हैं। इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।
डेंटिस्ट की नियुक्ति, लेकिन चेयर नहीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन डेंटिस्ट चेयर उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को दंत चिकित्सा सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र डेंटिस्ट चेयर उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
कब मिलेगा सिविल अस्पताल का दर्जा?
क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और हाई-रिस्क मरीजों के उपचार के लिए लंबे समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग की जा रही है। इस दिशा में जिले के सांसद विवेक बंटी साहू और क्षेत्रीय विधायक सुनील उईके द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
हालांकि, सिविल अस्पताल बनाए जाने की चर्चाएं समय-समय पर होती रही हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक या प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे क्षेत्रवासियों की उम्मीदें लगातार टूट रही हैं।
क्षेत्रवासियों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर शीघ्र विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए तथा केंद्र को जल्द से जल्द सिविल अस्पताल का दर्जा प्रदान किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
