रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
मेघनगर में नाकोड़ा भैरव देव की कृपा का एक अनूठा और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। नितेश रांका, विभा रांका एवं ऋषभ रांका परिवार की गहरी आस्था और भक्ति ने सभी का मन मोह लिया।
रांका परिवार की लंबे समय से एक ही इच्छा थी कि परम भैरव उपासक एवं नाकोड़ा पुत्र गादीपति श्री पारस जैन अपने परिवार और भैरव सेना के साथ उनके निवास पर पधारें। उनकी यह मनोकामना पूरी होने पर पूरे परिवार ने भक्ति और श्रद्धा के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
गादीपति श्री पारस जैन के स्वागत में 56 भोग अर्पित किए गए। श्रीफल, पुष्पमाला एवं शाफा पहनाकर उनका सम्मान किया गया। साथ ही भैरव सेना के प्रत्येक सदस्य का भी हृदय से बहुमान किया गया।
भक्ति का अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला, जब रांका परिवार ने गादीपति श्री पारस जैन की पगलिया अपने घर पर स्थापित करवाईं। उनके चरणों का दूध, अक्षत और पवित्र जल से पूजन कर नाकोड़ा भैरव देव के स्वरूप के रूप में दर्शन किए।
इसके बाद मेघनगर श्रीसंघ के अनेक घरों में भी गादीपति श्री पारस जैन की पगलिया स्थापित करवाई गईं, जिससे पूरे श्रीसंघ में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बन गया।
इस अनुपम आयोजन को देखकर यही कहा जा सकता है कि यह केवल आस्था नहीं, बल्कि आराधना, समर्पण और अटूट विश्वास का अद्भुत उदाहरण था। नाकोड़ा भैरव देव की असीम कृपा और भक्तों की अनन्य श्रद्धा ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
जय श्री नाकोड़ा भैरव देव।
परम तारक परमात्मा श्री पार्श्व प्रभु के हाजरा-हजूर की जय।
