जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

जयपुर की विशेष POCSO अदालत ने मध्य प्रदेश पुलिस के बर्खास्त पूर्व अतिरिक्त महानिरीक्षक (एआईजी) अनिल मिश्रा को एक महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इसके अलावा, पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 में पीड़िता के पति के खिलाफ मध्य प्रदेश में आपराधिक मामले दर्ज थे और वे जेल में बंद थे। पति ने पीड़िता से कहा था कि उस समय एआईजी पद पर तैनात अनिल मिश्रा उनकी मदद कर सकते हैं।
मार्च 2012 में पीड़िता भोपाल पहुंचीं, जहां अनिल मिश्रा ने मदद का भरोसा दिलाकर उन्हें पुलिस ऑफिसर्स मेस में ठहराया। आरोप है कि उसी रात उन्होंने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद भी मदद का झांसा देकर वे महिला को जयपुर, जोधपुर, दिल्ली, इंदौर, मुंबई और महाबलेश्वर सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाते रहे और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाते रहे।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अनिल मिश्रा ने उनकी नाबालिग बेटी को धमकाकर उसकी अश्लील तस्वीरें खिंचवाईं और बाद में उन्हीं तस्वीरों के जरिए उन्हें डराते-धमकाते रहे।
अदालत का फैसला
इस मामले में 11 जुलाई 2014 को जयपुर महिला थाना (साउथ) में एफआईआर दर्ज की गई थी। वर्ष 2019 में अनिल मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।
फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अनिल मिश्रा ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के बावजूद अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
फैसले के बाद पीड़िता ने कहा, “इस फैसले ने मुझे फिर से जीने की उम्मीद दी है। मेरे अनुसार उम्रकैद भी इनके लिए कम सजा है।”
