मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के सतत प्रयासों, निरंतर मॉनिटरिंग और समय-समय पर दिए गए निर्देशों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। उनकी पहल पर रेणुका माता कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी परिसर में विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए 4 करोड़ 12 लाख 58 हजार रुपये से अधिक की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की है।
यह स्वीकृति श्रीमती चिटनिस द्वारा मंडी परिसर का निरीक्षण करने, किसानों, व्यापारियों और मंडी अधिकारियों से चर्चा करने तथा आवश्यक विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश देने के बाद मिली है।
स्वीकृत कार्यों में नवीन कपास मंडी परिसर में 60.10 लाख रुपये की लागत से सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क एवं ग्रेडिंग प्लेटफॉर्म क्षेत्र का विकास तथा पुरानी कपास मंडी परिसर में 22.48 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुलभ शौचालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा बाउंड्रीवॉल निर्माण, ग्रेडिंग प्लेटफॉर्म, 90 मीट्रिक टन क्षमता के इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे की स्थापना, पैक हाउस का उन्नयन, मंडी परिसर के मरम्मत कार्य, बीटी सड़क, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्यों को भी तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि श्रीमती चिटनिस ने पूर्व में रेणुका माता कृषि उपज मंडी तथा नवीन एवं पुरानी कपास मंडी का विस्तृत निरीक्षण कर किसानों, व्यापारियों, हम्माल-तुलावटी और मंडी अधिकारियों से संवाद किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मंडी को प्रदेश की ‘आदर्श मंडी’ के रूप में विकसित करने के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र शासन को भेजी जाए तथा सभी विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उनके इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप अब इन महत्वपूर्ण विकास कार्यों को तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हुई है।
श्रीमती चिटनिस ने निर्देश दिए थे कि आदर्श मंडी के विकास में किसानों और व्यापारियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत हाईराइज शेड, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सीसी एवं बीटी सड़कें, सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था, शुद्ध पेयजल सुविधा, आधुनिक शौचालय, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी निगरानी, किसानों के विश्राम स्थल, आधुनिक संगोष्ठी भवन, पार्किंग, हरित क्षेत्र विकास और स्वच्छता प्रबंधन जैसी सुविधाओं का चरणबद्ध विकास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए थे कि बुरहानपुर की पहचान बन चुकी हल्दी के बेहतर विपणन को ध्यान में रखते हुए मंडी में हल्दी की सुव्यवस्थित नीलामी व्यवस्था, आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट और वैज्ञानिक भंडारण सुविधाओं का प्रस्ताव भी तैयार किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने यह भी घोषणा की थी कि यदि स्वीकृत राशि के अतिरिक्त आदर्श मंडी के विकास के लिए और धनराशि की आवश्यकता होगी, तो विधायक विशेष निधि से 50 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी आवश्यक विकास कार्य में धन की कमी बाधा न बने।
उन्होंने इन विकास कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री एंदलसिंह कंसाना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों, कृषि अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद रेणुका माता कृषि उपज मंडी प्रदेश की आधुनिक एवं आदर्श मंडियों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगी तथा किसानों, व्यापारियों और मंडी से जुड़े सभी हितधारकों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
