रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ स्थित विद्यालय में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी पक्ष विद्यार्थियों द्वारा अपने गुरुओं को गुरु दक्षिणा के रूप में समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प अर्पित करना रहा।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक पालन करेंगे, स्वच्छता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे, जरूरतमंदों की सहायता करेंगे तथा सदैव ईमानदारी, सद्भावना और सहयोग की भावना के साथ कार्य करेंगे। विद्यार्थियों ने कहा कि उनके लिए यही अपने गुरुओं के प्रति सच्ची गुरु दक्षिणा है।
इस अनूठी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि गुरु के प्रति सम्मान केवल शब्दों और उपहारों तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरु के दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारना ही वास्तविक गुरु दक्षिणा है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विद्यालय में श्लोक वाचन, भाषण, चित्रकला सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान हवन का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने श्रद्धापूर्वक आहुति दी।
शिक्षिका हेमलता गुप्ता ने विद्यार्थियों को महर्षि वेदव्यास के जीवन, व्यक्तित्व तथा भारतीय ज्ञान परंपरा में उनके महत्वपूर्ण योगदान की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों ने सामूहिक गीत की मनमोहक प्रस्तुति भी दी।
इस अवसर पर एकेडमिक डायरेक्टर सतीश निरंजन ने कहा कि गुरु हमारे जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। गुरु पूर्णिमा तभी सार्थक है, जब हम अपने गुरुओं से प्राप्त संस्कारों और शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा नागरिक कर्तव्यों के पालन, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त जीवन, ईमानदारी, सद्भावना और सेवा का लिया गया संकल्प ही गुरु के प्रति सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गुरु के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
यह संपूर्ण कार्यक्रम प्राचार्य श्रीमती दीपशिखा तिवारी एवं उपप्राचार्य मकरंद आचार्य के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
