मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे के बीच यवतमाल नगर परिषद की स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में है। लगभग 2 से 3 लाख की आबादी वाले शहर में पूरे क्षेत्र के लिए केवल एक ही फॉगिंग मशीन उपलब्ध होने का मामला सामने आया है, जिससे नागरिकों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रभाग क्रमांक 27 के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश हरणे ने इस गंभीर स्थिति को लेकर नगर परिषद के मुख्याधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हर 15 दिन में नियमित फॉगिंग, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मुफ्त दवा वितरण, जलभराव की त्वरित निकासी और संक्रामक रोगों के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई।
उपमुख्याधिकारी भोईर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारी अक्षय नवलकर ने स्वीकार किया कि नगर परिषद के पास वर्तमान में सिर्फ एक ही फॉगिंग मशीन है।
इस पर दिनेश हरणे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी बड़ी आबादी के लिए एक मशीन नाकाफी है। उन्होंने कम से कम 10 फॉगिंग मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि सभी वार्डों में समय पर फॉगिंग कर मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि बरसात के मौसम में नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि संभावित महामारी को समय रहते रोका जा सके।
