मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
परियोजना कार्यालय-2, जुन्नारदेव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मेडिकल लीव पर गईं बागड़े मैडम का कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर एकतरफा स्थानांतरण कर उन्हें रिलीव कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उनका स्थानांतरण आदेश 15 जून 2026 को जारी हुआ था, जिसके बाद बिना सुनवाई के उन्हें कार्यमुक्त कर दूसरे लिपिक को प्रभार सौंप दिया गया।
आरोप है कि मामला यहीं नहीं रुका। बागड़े मैडम को विभागीय ग्रुप से भी हटा दिया गया तथा विभागीय कार्यों से संबंधित पासवर्ड बदल दिए गए। इससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, उनके पक्ष में प्राप्त न्यायालय के स्टे आदेश की भी कथित तौर पर अवहेलना किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में जिला कलेक्टर से संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई और निराकरण की मांग की गई है।
परियोजना अधिकारी प्रिंस साहू ने इस संबंध में कहा कि बागड़े मैडम का प्रशासनिक आधार पर परियोजना अमरवाड़ा में स्थानांतरण किया गया था। स्थानांतरण के बाद उन्हें विधिवत भारमुक्त कर दिया गया था। इसके पश्चात उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय से सशर्त स्थगन (स्टे) आदेश प्राप्त किया, जिसके आधार पर वे वर्तमान में परियोजना में कार्यरत हैं।
