मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में, मानसून सत्र में विधेयक पेश होने की संभावना | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में इसी महीने UCC लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण कानून को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति UCC का अंतिम मसौदा तैयार कर रही है। हाल ही में समिति का कार्यकाल जुलाई के अंत तक बढ़ाया गया था, ताकि सभी सुझावों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके। बताया जा रहा है कि अंतिम मसौदे को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) से मंजूरी मिल चुकी है। अब UCC विधेयक को जुलाई में होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना, भरण-पोषण तथा अन्य पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार कानून के समक्ष समानता और न्याय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है तथा विभिन्न वर्गों से प्राप्त सुझावों को भी गंभीरता से शामिल किया गया है।

यदि UCC लागू होता है, तो मध्य प्रदेश इस कानून को लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा।

UCC क्या है?

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) एक ऐसा कानून है, जिसके तहत सभी नागरिकों पर, उनके धर्म की परवाह किए बिना, विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और संपत्ति के बंटवारे जैसे पारिवारिक मामलों में समान कानूनी नियम लागू होते हैं।

वर्तमान में भारत में इन विषयों पर अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत (पर्सनल) कानून लागू हैं। UCC लागू होने पर इनकी जगह एक समान नागरिक कानून लागू होगा।

UCC के प्रमुख उद्देश्य:

सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना।

लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना।

विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों से उत्पन्न जटिलताओं को कम करना।

संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद 44 की भावना को लागू करना।

UCC किन मामलों पर लागू होगा?

विवाह

तलाक

भरण-पोषण

गोद लेना

उत्तराधिकार (विरासत)

संपत्ति का बंटवारा

क्या UCC धर्म बदल देता है?

नहीं। UCC का संबंध किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, आस्था या धार्मिक परंपराओं से नहीं है। यह केवल नागरिक (सिविल) मामलों से संबंधित कानूनी नियमों पर लागू होता है।

UCC क्यों जरूरी मानी जाती है?

समर्थकों के अनुसार UCC के प्रमुख उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना, महिलाओं को समान कानूनी अधिकार प्रदान करना, कानूनी व्यवस्था में एकरूपता लाना, संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को लागू करना तथा राष्ट्रीय एकता और कानूनी समानता को बढ़ावा देना है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version