वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
लखीमपुर खीरी के मोतीपुर ओयल स्थित जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इन दिनों बदहाल नजर आ रही हैं। अस्पताल में प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाओं के चलते दूर-दराज से आने वाले मरीजों एवं उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि प्राचार्य वाणी गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की लापरवाही के कारण अस्पताल की कई बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हैं।
पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें
अस्पताल के पर्चा काउंटर पर सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है। टोकन और पर्चा बनवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि एक काउंटर बंद होने से समस्या और बढ़ गई है। कर्मचारियों द्वारा सर्वर की धीमी गति का हवाला दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि मरीजों का आधा दिन केवल पर्चा बनवाने में ही निकल जाता है। बुजुर्ग, दिव्यांग, पत्रकार तथा अस्पताल कर्मचारी भी पर्चा बनवाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि यदि आधा दिन पर्चा बनवाने में ही बीत जाए, तो डॉक्टर से परामर्श कब लिया जाएगा।
लिफ्ट बंद, सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर मरीज
अस्पताल परिसर की सभी लिफ्टें खराब पड़ी हैं। तीन मंजिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। पैर में फ्रैक्चर, हृदय रोग, ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों तथा बुजुर्गों को वार्ड तक पहुंचाने में काफी परेशानी हो रही है।
पानी और शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल
अस्पताल में पीने के स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। शौचालय गंदगी से भरे हुए हैं तथा कुछ शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे अस्पताल परिसर में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज गंदगी और दुर्गंध के कारण अतिरिक्त परेशानी झेल रहे हैं।
दवा वितरण काउंटर पर स्टाफ की कमी
सोमवार, 20 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे के बाद दवा वितरण काउंटर पर भी अव्यवस्था देखने को मिली। दवा वितरण में सहयोग करने वाला स्टाफ अनुपस्थित था और केवल फार्मासिस्ट ही अकेले मरीजों को दवाइयां वितरित कर रहे थे। इसके कारण मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों और मरीजों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मोतीपुर ओयल जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक सुधार किए जाएं तथा यदि लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
