ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
SIR (Special Intensive Revision) अभियान के तहत मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म भरने की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कुछ BLO द्वारा फॉर्म भरने में अनावश्यक देरी की जा रही है, वहीं कुछ जगहों पर एक फॉर्म भरने के नाम पर 30 से 50 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसके कारण गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को अपनी रोज़ी-रोटी छोड़कर दिनभर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
इसी बीच अकोट के गाजी प्लॉट क्षेत्र से एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। नगर सेवक अब्दुल खाजा शेख रशीद ने न केवल अपने वार्ड बल्कि गाजी प्लॉट एवं गीता बाई पोटे स्कूल केंद्र पर आने वाले सभी नागरिकों के फॉर्म भरवाने में सक्रिय भूमिका निभाकर लोगों का दिल जीत लिया है।
बताया जाता है कि जिन लोगों के आवश्यक दस्तावेज या परिवार के सदस्यों की जानकारी दूर-दराज़ के गांवों में थी, उनके लिए भी उन्होंने अपने खर्च पर व्यक्ति भेजकर आवश्यक दस्तावेज मंगवाए। महिलाओं और बुजुर्गों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई तथा स्वयं खड़े रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की, ताकि किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विशेष बात यह रही कि उन्होंने केवल अपने वार्ड के लोगों तक ही सीमित न रहकर अन्य वार्डों के नागरिकों की भी पूरी सहायता की। कई ऐसे लोगों को खोजकर बुलाया गया, जिनके नाम गाजी प्लॉट क्षेत्र के नहीं थे, ताकि उनका फॉर्म भी समय पर भरा जा सके। बुजुर्ग महिलाओं की दवाइयों की व्यवस्था करने और हर जरूरतमंद की मदद करने के उनके प्रयासों की लोगों ने खुलकर सराहना की। कई महिलाओं ने भावुक होकर कहा, “खाजा तेरे कार्य को सलाम।”
शहर के लोगों का कहना है कि आज के समय में कई लोग सोशल मीडिया पर समाज सेवा का प्रचार-प्रसार तो करते हैं, लेकिन वास्तविक सेवा के समय बहुत कम लोग आगे आते हैं। ऐसे दौर में अब्दुल खाजा शेख रशीद ने बिना किसी दिखावे के ज़मीनी स्तर पर कार्य कर यह साबित किया है कि सच्चा समाज सेवक वही होता है, जो बिना भेदभाव के हर जरूरतमंद की सहायता करे।
उनकी इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है और लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि यदि इसी तरह निस्वार्थ भाव से कार्य करें, तो आम नागरिकों का विश्वास व्यवस्था पर और अधिक मजबूत होगा।
