वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

दक्षिणी खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज अंतर्गत ग्राम झाऊपुर में शनिवार सुबह गन्ने के खेत में एक युवक का नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया बाघ के हमले की आशंका जताई गई, हालांकि वन विभाग ने घटनास्थल पर ऐसे कोई स्पष्ट साक्ष्य मिलने से इंकार किया है। अब मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
मृतक की पहचान थाना हैदराबाद क्षेत्र के ग्राम तुलमेलगंज निवासी 35 वर्षीय अनिल पुत्र जुगुल किशोर उर्फ पंडा के रूप में हुई है। परिजनों ने मौके पर मिले कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की। बताया गया कि अनिल गुरुवार शाम करीब चार बजे झाऊपुर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
शनिवार सुबह खेतों की ओर गए किसानों ने झाऊपुर निवासी जय प्रकाश शर्मा के गन्ने के खेत में कंकाल पड़ा देखा, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, तीन दिन पूर्व इसी खेत में बाघ ने एक नीलगाय का शिकार किया था। उस समय वन विभाग ने शव को दफनाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग समय रहते सक्रिय होता तो यह घटना टाली जा सकती थी।
सूचना पर थाना हैदराबाद प्रभारी निरीक्षक सुनील मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
वहीं, देर से पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ के हमले की पुष्टि नहीं की। महेशपुर रेंजर निर्भय प्रताप शाही के अनुसार, घटनास्थल पर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं और मृतक के कपड़ों पर भी हमले के स्पष्ट निशान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पास में बाघ द्वारा नीलगाय का शिकार किए जाने के बावजूद इंसान पर हमले की संभावना कम प्रतीत होती है।
डीएफओ साउथ खीरी तापस मिहिर ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष क्षेत्र में बाघ के हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
