संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:
अमानगंज क्षेत्र में इन दिनों चोरी की घटनाओं ने आमजन और व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में अमानगंज नगर में एक ही रात में 14 प्रतिष्ठानों के ताले तोड़े जाने की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक, पन्ना से हस्तक्षेप कर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, रात के समय पुलिस गश्त न के बराबर दिखाई देती है। आरोप है कि रात करीब 11:30 बजे तक पुलिस मुख्य बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र में सक्रिय रहती है, लेकिन इसके बाद सुनसान इलाकों में गश्त नहीं होने से चोर आसानी से वारदात को अंजाम देते हैं। लोगों का कहना है कि अधिकांश चोरी की घटनाएं रात 1 बजे के बाद होती हैं, जब पुलिस की मौजूदगी नहीं रहती।
व्यापारियों का कहना है कि जब तक बाजार खुला रहता है, तब तक चोरी की घटनाएं नहीं होतीं। ऐसे में पुलिस को बाजार क्षेत्र में सख्ती दिखाने के बजाय संवेदनशील और सुनसान इलाकों में गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है।
इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि अमानगंज थाना प्रभारी (टीआई) का पद स्वीकृत होने के बावजूद वर्तमान में थाना की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी के पास है। नागरिकों का मानना है कि प्रभावी नेतृत्व के अभाव में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं से व्यापारी और आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सभी मामलों का शीघ्र खुलासा किया जाए, रात्रि गश्त को सुदृढ़ किया जाए और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा बहाल किया जाए।
