नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बीजेपी शासित राज्यों के अंदर गौतम अडानी को कौड़ियों के दाम पर दी जा रही सैकड़ों एकड़ जमीन के आसपास मोदी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रही है। इसी कड़ी में जलगांव का नाम जुड़ता नजर आ रहा है। तीस साल से सरकारी कारखाने और उनसे मिलने वाले रोज़गार के लिए तरस रहे जलगांव मे देवेन्द्र फड़नवीस सरकार आने के बाद अचानक से तमाम राजमार्ग छोटी छोटी सड़के सीमेंट कॉन्क्रीट की बनाई जा रही है। पाचोरा-जामनेर ब्रॉडगेज रेल लाइन के फेज़ वन का काम तेज़ी से चल रहा है। फेज़ 2 में जामनेर-नाडगांव गुड्स ट्रेन लाइन का सर्वे शुरू है। भुसावल डिविजन में मुंबई तक मुख्य रेल मार्ग का फोर लेन विस्तार किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक यातायात की इस सारी कनेक्टिवटी का निर्माण गौतम अडानी के पाचोरा में लगने वाले विशाल सीमेंट कारखाने के लिए किया जा रहा है। जामनेर-नाडगांव गुड्स ट्रेन लाइन के फेज़ 2 के लिए 5 हजार करोड़ का बजट है। जब की फेज 2 की कतई आवश्यकता नही है। वर्तमान सेंट्रल रेल लाइन से यात्री ट्रेन और वाणिज्य मालगाड़ीया सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। जलगांव लोकसभा क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में काला पत्थर और लाल मुरूम की खदाने है।
गौतम अडानी समूह जलगांव में बड़ा सीमेंट कारखाना लगाता है तो 35 लाख लोगो की जिंदगी पर मंडराने वाला संकट आने वाली अनेकों पीढ़ियां तबाह कर देगा। अडानी समूह की शक्ल मे पूरे देश मे स्पेशल इकनॉमिक जोन्स बन रहे है।
