संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:
अमानगंज के गांधी चौक चौराहे पर पारिवारिक विवाद के चलते उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला और उसकी दो बेटियों ने मिलकर एक युवक की सरेराह पिटाई कर दी। बीच सड़क पर काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज हंगामे के कारण मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे और किसी ने भी तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया।

इसी दौरान मानवता का परिचय देते हुए स्थानीय युवक गोलू लहगेरे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि महिला और उसकी बेटियों ने पीड़ित को छोड़कर उस पर ही हमला कर दिया। घटना ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच के बजाये बीच-बचाव करने वाले युवक के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कर दी।
इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित गोलू लहगेरे का कहना है कि उसने केवल विवाद शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने बिना पूरी जांच किए उसे ही आरोपी बना दिया।
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यस्त चौराहे पर हुई इस घटना के दौरान पुलिस की अनुपस्थिति, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान की अनदेखी तथा एकतरफा कार्रवाई को लेकर नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई से भविष्य में कोई भी व्यक्ति जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आने से हिचकेगा।
