मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

आम आदमी पार्टी (आप) की यवतमाल जिला इकाई ने स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता को तत्काल रद्द करने और महाराष्ट्र में प्रत्येक परिवार को प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि विधानसभा चुनाव से पहले जनता के तीव्र विरोध के चलते स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता पर रोक लगाई गई थी, लेकिन चुनाव के बाद इसे फिर से लागू कर दिया गया। साथ ही बिजली दरों में वृद्धि से आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ी है।
आप ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर में रिचार्ज खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तत्काल बंद हो जाती है, जिससे यवतमाल सहित विदर्भ क्षेत्र के किसान, खेत मजदूर और मेहनतकश परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक तंगी, स्मार्टफोन की कमी और समय पर रिचार्ज न कर पाने जैसी समस्याएं स्थिति को और गंभीर बनाती हैं। पार्टी ने यह भी दावा किया कि स्मार्ट मीटर के कारण वास्तविक खपत से अधिक बिल आने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखी गईं—पहली, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता पर पूर्व में लगी रोक को स्थायी किया जाए और बाद में जारी आदेश को निरस्त किया जाए। दूसरी, बढ़ती महंगाई को देखते हुए पंजाब मॉडल की तर्ज पर महाराष्ट्र के प्रत्येक परिवार को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।
इस दौरान वसंतराव ढोके, मोबीन शेख, प्रशांत देवकते, विलास वाडे, अविनाश धनेवार, एडवोकेट मनीष माहुलकर, धनपाल नाईक, आकाश चमेडिया, शुभम चांदेकर, निलेश नांदूरकर, प्रतीक्षा रहांगडाले, भारती पिसाळकर, उषा श्रीरामे और विनोद रोकड़े सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
