जर्जर छात्रावास पर सियासत गरम: गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का हल्ला बोल, शिफ्टिंग में देरी पर आंदोलन की चेतावनी | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जर्जर छात्रावास पर सियासत गरम: गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का हल्ला बोल, शिफ्टिंग में देरी पर आंदोलन की चेतावनी | New India Times

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, जुन्नारदेव में आदिवासी विद्यार्थियों को जर्जर छात्रावास में रखे जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष धनु धुर्वे के निर्देशन में पार्टी कार्यकर्ता विद्यालय पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पार्टी के ब्लॉक प्रभारी राजकुमार धुर्वे, हरिराम परतेती, सोनू उइके, प्रियांशु धुर्वे, अनुराग कुमरे, प्रताप कावरेती और आशीष कंगाली सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विद्यार्थियों को नए छात्रावास में स्थानांतरित नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
विद्यालय पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने प्रभारी प्राचार्य संतोष झारिया को फोन कर गेट पर बुलाने की बात कही, लेकिन आरोप है कि तीन बार संपर्क करने के बावजूद वे बाहर नहीं आए। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने मुख्य प्राचार्या हरजीत कौर के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले विद्यार्थियों ने जर्जर छात्रावास से नए भवन में शिफ्टिंग की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था और विद्यालय प्रबंधन ने 6 जुलाई तक नए छात्रावास का हैंडओवर लेकर विद्यार्थियों को स्थानांतरित करने का लिखित आश्वासन दिया था।
हालांकि तय समय-सीमा बीतने के बाद भी विद्यार्थियों को अब तक पुराने भवन में ही रहना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण छात्रावास में रिसाव की समस्या बढ़ गई है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। लगभग 250 विद्यार्थियों के लिए केवल छह शौचालय होने से भी गंभीर असुविधाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद शिफ्टिंग में देरी विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। वहीं, नया छात्रावास भवन तैयार होने के बावजूद हैंडओवर में देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

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