एसएसवी कॉलेज कहलगांव में ‘चक्रीय व हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न | New India Times

अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

एसएसवी कॉलेज कहलगांव में ‘चक्रीय व हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न | New India Times

तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) की अंगीभूत इकाई एस.एस.वी. कॉलेज, कहलगांव के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में दो दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी 10 व 11 जुलाई 2026 को आयोजित हुई, जिसका मुख्य विषय “चक्रीय और हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के माध्यम से स्थिरता को बढ़ावा देना: चुनौतियां एवं अभिनव समाधान” रहा।
संगोष्ठी का आयोजन इंडियन केमिकल सोसाइटी (ICS), भागलपुर चैप्टर तथा कृषि-आर्थिक अनुसंधान केंद्र (AERC) बिहार-झारखंड, टीएमबीयू के शैक्षणिक सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एवं संयोजक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार मिश्रा रहे, जबकि आयोजन सचिव की जिम्मेदारी डॉ. नमन कुमार ने निभाई।

एसएसवी कॉलेज कहलगांव में ‘चक्रीय व हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न | New India Times

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. अशोक कुमार झा (अध्यक्ष, ICS भागलपुर चैप्टर एवं प्राचार्य, के.पी. कॉलेज, मुरलीगंज) और प्रो. कुमारी सुदामा यादव (निदेशक, AERC भागलपुर व डीन, सामाजिक विज्ञान, TMBU) उपस्थित रहीं। संयुक्त आयोजन सचिव के रूप में डॉ. निकेश कुमार, डॉ. कीर्ति वर्धन गौतम, डॉ. संतोष कुमार एवं डॉ. दिलीप कुमार चौधरी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दो दिनों तक चले सत्रों में विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से आए शोधार्थियों, प्राध्यापकों और छात्रों ने पर्यावरणीय स्थिरता, हाइड्रोजन ऊर्जा और चक्रीय अर्थव्यवस्था पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा संकट और पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन हाइड्रोजन और संसाधनों का पुनर्चक्रण अत्यंत आवश्यक है।
समापन सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्राध्यापकों व शोधार्थियों को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन सचिव डॉ. नमन कुमार को भी सफल संचालन के लिए मंच से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version