ड्यूटी के दौरान घायल रेलकर्मी के लिए देवदूत बना रेल परिवार,घायल रेलकर्मी की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

ड्यूटी के दौरान घायल रेलकर्मी के लिए देवदूत बना रेल परिवार,घायल रेलकर्मी की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका | New India Times

पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल के रेल परिवार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनशील मानवीय मूल्यों से जुड़ा एक परिवार है। ट्रेन संख्या 12628 कर्नाटक एक्सप्रेस में ऑन-ड्यूटी कार्यरत एसी मैकेनिक के. स्टीफन इटारसी आउटर स्थित हनुमान मंदिर के समीप दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं तथा अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही रेल सुरक्षा बल (RPF), रेलवे चिकित्सा विभाग तथा SSE इलेक्ट्रिकल/ETL के कर्मचारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए रेलवे एम्बुलेंस से घायल कर्मचारी को इटारसी स्थित दयाल मल्टी हॉस्पिटल पहुँचाया।

अस्पताल पहुँचने पर जानकारी मिली कि उक्त अस्पताल का रेलवे से अनुबंध 30 जून 2026 को समाप्त हो चुका है। ऐसी विषम परिस्थिति में उपमंडल रेल चिकित्सालय, इटारसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद फरज़ीन ने मानवीय संवेदनाओं एवं प्रशासनिक तत्परता का परिचय देते हुए तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई तथा उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी।

घायल कर्मचारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल स्थित सागर मल्टी हॉस्पिटल रेफर किया गया। चूँकि घायल कर्मचारी अन्य रेलवे ज़ोन से संबंधित थे तथा उनके साथ कोई परिजन उपस्थित नहीं था, इसलिए इटारसी रेल परिवार ने उनका संपूर्ण दायित्व अपने कंधों पर लिया।

उपमंडल रेल चिकित्सालय के कर्मचारी श्री आयुष बड़कुर तथा इलेक्ट्रिकल ETL विभाग के श्री दीपक कनौजिया (जूनियर क्लर्क) स्वयं एम्बुलेंस से उनके साथ भोपाल पहुँचे।

भोपाल में उपचार के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण तत्काल रक्त की आवश्यकता हुई। ऐसी स्थिति में बिना किसी संकोच के श्री आयुष बड़कुर एवं श्री दीपक कनौजिया ने स्वयं रक्तदान कर घायल कर्मचारी का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों कर्मचारी तब तक अस्पताल में मौजूद रहे, जब तक मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं हो गई।

सीनियर डीसीएम श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि आरपीएफ, चिकित्सा विभाग, इलेक्ट्रिक स्टाफ तथा दोनों कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शित त्वरित निर्णय क्षमता, सेवा-भाव और निस्वार्थ मानवता रेल परिवार की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का प्रेरणादायी उदाहरण है। यह घटना दर्शाती है कि संकट की घड़ी में रेलवे परिवार अपने प्रत्येक सदस्य के साथ पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ खड़ा रहता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version