बुरहानपुर RTO बैरियर पर अवैध वसूली का आरोप, ट्रक चालक ने वीडियो जारी कर जांच की मांग उठाई | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश में आरटीओ बैरियर बंद किए जाने के सरकारी दावों के बावजूद बुरहानपुर जिले में आरटीओ बैरियर पर अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। एक ट्रक चालक ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि आरटीओ कर्मचारियों ने उससे 5,500 रुपये की रिश्वत मांगी। चालक का कहना है कि रुपये देने से इनकार करने पर उसकी गाड़ी को चार घंटे से अधिक समय तक रोककर रखा गया।

चालक के अनुसार कर्मचारियों ने कहा कि “5,500 रुपये दो, तभी गाड़ी छोड़ी जाएगी।” उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया है। वीडियो में गाड़ी रुकी हुई दिखाई दे रही है, जबकि चालक अपनी आपबीती बताते हुए आरोप लगा रहा है कि कई व्यावसायिक वाहनों को रोककर बिना रसीद के पैसे वसूले जा रहे हैं।

घटना के बाद ट्रक चालक ने बुरहानपुर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह से संपर्क कर मदद मांगी। ठाकुर प्रियांक सिंह ने मीडिया से कहा कि बैरियर पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने दावा किया कि यह समस्या केवल एक-दो वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिदिन कई ट्रक चालक ऐसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

सरकारी नियम

प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई 2024 से सभी स्थायी आरटीओ चेकपोस्ट बंद कर उनकी जगह सीमित मोबाइल रोड सेफ्टी चेकिंग पॉइंट लागू किए थे। निर्धारित नियमों के अनुसार जांच के दौरान POS मशीन से भुगतान, तत्काल ई-चालान, कर्मचारियों की यूनिफॉर्म व नेम प्लेट, बॉडी-वॉर्न कैमरा तथा अधिकतम 15 मिनट के भीतर वाहन छोड़ना अनिवार्य है।

ठाकुर प्रियांक सिंह ने मांग की है कि बुरहानपुर आरटीओ बैरियर की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा चेकिंग पॉइंट्स पर CCTV निगरानी, डिजिटल पारदर्शिता और सख्त SOP लागू की जाए।

कानूनी पक्ष

यदि बिना रसीद के धन वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 384, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है।

ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा कि ट्रक चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके साथ इस प्रकार के कथित भ्रष्टाचार से न केवल परिवहन क्षेत्र प्रभावित होता है, बल्कि बुरहानपुर की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने प्रशासन, परिवहन विभाग और राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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