नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
महाराष्ट्र में मानसून मुंबई में काफ़ी सक्रिय है। देवेन्द्र फड़नवीस सरकार के कुप्रबंधन ने भारत की आर्थिक राजधानी को पानी में डुबो दिया है। सरकार के मंत्री मानसून सत्र के कामकाज के दौरान सदन में दाँत चियारते नज़र आते हैं। मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर में कस्तूरी नगर , मदनी नगर , जामनेर पूरा , राम मंदिर ट्रस्ट पखवाड़ा मैदान जैसे तमाम इलाके सालों से बारिश के पानी से भरते आ रहे है। प्रल्हाद बोरसे ने बताया कि कस्तूरी नगर में गटर पर कांक्रीट ढांचे रख देने से गटर का सारा पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
जावेद मुल्लाजी ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया था कि नई मस्जिद के पास की कच्ची सड़क के गड्ढों में पानी भर गया और बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है। 35 साल से विधायक और 12 साल से कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन के रहते उनका अपना शहर पक्की सड़क , स्कूल , बिजली , गटर , आरोग्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहा हैं। गिरिजा कॉलोनी , आनंद नगर , शास्त्री नगर , इंदिरा आवास , मुस्लिम आबादी वाला इलाका , वाकी रोड , पुराना हिवरखेड़ा रोड , जुना बोदवड रोड परिसर में आज तक सीमेंट कॉन्क्रीट की सड़के नहीं बन सकी है।
मंत्री जी की पत्नी साधना महाजन बीते दस साल से मेयर है लेकिन लोग जामनेर के पहले मेयर राजू बोहरा के सफ़ल कार्यकाल को याद करते हैं। किसी जमाने में जनता की छोटी छोटी परेशानियों को लेकर लिखने वाले पत्रकार मंत्री जी से अपने लिए पत्रकार कॉलोनी भी नहीं पा सके। जलगांव में पूर्व मंत्री सुरेश जैन ने पत्रकारों के लिए आवास योजना साकार की है।
पानी के लिए सड़क पर उतरा भुसावल :
जामनेर के पड़ोस में भुसावल और साकेगांव में पीने के पानी की समस्या गंभीर बनती जा रही है। वंचित बहुजन आघाड़ी ने खाली बर्तन आंदोलन किया। शामिभा पाटिल हज़ारों लोगों की आवाज़ बनी। RSS के देवगिरी प्रांत के जिला मुख्यालय भुसावल में एनसीपी शरदचंद्र पवार की गायत्री भंगाले ने बीजेपी से कैबिनेट मंत्री संजय सावकारे की पत्नी रजनी को मेयर सीट के चुनाव में हरा दिया जिसके प्रतिशोध के रूप में जनता को सत्ता द्वारा छल का सामना करना पड़ रहा है।
