कक्षा 4–5 का छात्र पढ़ना-लिखना नहीं जानता मिला तो प्राचार्य व शिक्षक होंगे जिम्मेदार, होगी कार्रवाई : संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

कक्षा 4–5 का छात्र पढ़ना-लिखना नहीं जानता मिला तो प्राचार्य व शिक्षक होंगे जिम्मेदार, होगी कार्रवाई : संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह | New India Times

रीवा संभाग के संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्कूलों में केवल बच्चों का नामांकन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर पढ़ना-लिखना सिखाना शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निरीक्षण के दौरान कक्षा 4 या 5 का कोई छात्र पढ़ना-लिखना नहीं जानता पाया गया, तो इसे विद्यालय की गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित प्राचार्य एवं शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल बच्चों को विद्यालय तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे और यदि शिक्षण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में संभागायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करने, समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए और यह सुनिश्चित करे कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के मिले।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य विभागों को लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय रैंकिंग में सुधार तभी संभव है, जब शिकायतों का संतोषजनक समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संयुक्त संचालक कृषि को निर्देश दिए कि अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए।

वर्षाकाल को देखते हुए संभागायुक्त ने अतिवृष्टि एवं संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं तेजी लाने के उद्देश्य से संभागायुक्त ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर सभी फाइलों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए, जिससे कार्यों में अनावश्यक देरी समाप्त हो और जवाबदेही बढ़े।

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, पेयजल व्यवस्था, वर्षाजनित रोगों की रोकथाम, खाद एवं बीज वितरण सहित विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त राजस्व एल.एल. अहिरवार सहित संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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