वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

भीषण ग्रीष्म लहर (हीट वेव) को देखते हुए उत्तर प्रदेश रेडक्रॉस राज्य शाखा लखनऊ के निर्देशों पर जनपदीय रेडक्रॉस शाखा लखीमपुर ने एक सराहनीय पहल की है। संस्था ने जनपद के सुदूर सीमावर्ती, पिछड़े एवं कटान पीड़ित थारू जनजाति गांवों—चंदनचौकी स्थित गुबरौला, नझोटा, ढकिया और सनौहा में एक विशेष चिकित्सीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, ताकि इस भीषण गर्मी में वंचित ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ और जरूरी दवाइयां मिल सकें।

इस शिविर के दौरान क्षेत्रीय स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए जनपद खीरी रेडक्रॉस की सचिव आरती श्रीवास्तव ने ग्रामवासियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि भीषण गर्मी में लू और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए रोजाना 3 से 4 लीटर स्वच्छ पानी पीना और हमेशा ताजे भोजन का सेवन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने पीने के पानी को उबाल कर या फिर इंडिया मार्का हैंडपंप से ही प्राप्त करने की सलाह दी, साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए भोजन से पहले हाथ धोने और शारीरिक साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
इसी क्रम में रेडक्रॉस के सभापति एवं पूर्व एसीएमओ डॉ रवीन्द्र शर्मा द्वारा ग्रामीणों को हीट स्ट्रोक के लक्षण, उनकी पहचान व तुरंत किए जाने वाले उपचार के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रीष्म काल की आम बीमारियों जैसे डायरिया, उल्टी, मच्छर जनित रोग, बुखार तथा त्वचा संबंधी संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक किया और मरीजों को ओआरएस, क्लोट्रीमाज़ोल क्रीम, पैरासिटामोल, मेट्रोजिल, स्वास्थ्य वर्धक सिरप तथा अन्य आवश्यक औषधियों का निःशुल्क वितरण किया। इस पूरे सेवा कार्य की व्यवस्था में आजीवन सदस्य एडवोकेट अनुराग सक्सेना तथा हीराँगिनी सक्सेना द्वारा बेहद सक्रिय भूमिका निभाई गई, वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने और दवाइयों का सहयोग प्रदान करने के लिए ‘इनोकुअस फार्मास्यूटिकल्स’ के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
