मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

सतना जिले के शिक्षा विभाग में तबादला नीति की अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) गिरीश अग्निहोत्री ने शासन के स्पष्ट नियमों को दरकिनार करते हुए प्राथमिक शिक्षक वंश बहादुर यादव का तबादला कर दिया, जिससे एक विद्यालय शिक्षक विहीन होने की स्थिति में पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, वंश बहादुर यादव का स्थानांतरण शासकीय माध्यमिक शाला मोरा (संकुल शिवराजपुर, विकासखंड नागौद) से शासकीय प्राथमिक शाला ऊंचामार (विकासखंड मझगवां) कर दिया गया। जबकि स्कूल शिक्षा विभाग की 6 जून 2026 की ट्रांसफर नीति की कंडिका 3.2.3 में स्पष्ट प्रावधान है कि एकल शिक्षकीय शाला में पदस्थ शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में तथ्यों को छिपाकर कलेक्टर एवं प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया और 30 जून को स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। यदि यह सही है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
शासकीय माध्यमिक शाला मोरा में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई संचालित होती है। संकुल प्राचार्य विजय लाल कोल के अनुसार, संबंधित शिक्षक के तबादले के बाद विद्यालय पूरी तरह शिक्षक विहीन हो जाएगा, जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या फिर नियम केवल कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं।
