संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

पन्ना जिले में एक ओर जनप्रतिनिधि उद्घाटन समारोह के मंच से विकास कार्यों और उपलब्धियों का बखान करते नज़र आए, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। जेके सीमेंट प्लांट के मुख्य द्वार के सामने स्थित सड़क की बदहाल स्थिति क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्था की स्पष्ट तस्वीर पेश कर रही है।
वर्षों से गड्ढों, कीचड़ और जलभराव की समस्या से जूझ रहे इस मार्ग की हालत आज तक नहीं सुधर सकी है। बरसात के मौसम में यह सड़क राहगीरों, कर्मचारियों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतना बड़ा औद्योगिक प्रतिष्ठान होने के बावजूद प्लांट प्रबंधन अपने मुख्य प्रवेश मार्ग को भी व्यवस्थित नहीं करा सका है।
क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि प्लांट के सामने स्थापित पुलिस चौकी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। अव्यवस्था और समस्याओं पर ठोस कार्रवाई कम दिखाई देती है, जबकि छोटे दुकानदारों और गरीब तबके पर अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई तेज़ी से होती है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नागरिकों का आरोप है कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद जनप्रतिनिधि आम जनता की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर पाए हैं।
अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि विकास केवल मंचीय भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसकी झलक सड़कों, अस्पतालों और आम नागरिकों की सुविधाओं में भी दिखाई देनी चाहिए। आने वाले समय में इन मुद्दों का असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देखने को मिल सकता है।
