अहमद रज़ा खान, वाराणसी (यूपी), NIT:

वाराणसी शहर की धार्मिक पहचान और स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से वाराणसी नगर निगम द्वारा मांस, मछली और मुर्गे की दुकानों को शहरी सीमा से लगभग 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। इस निर्णय से करीब 350 से 400 दुकानदारों के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।

इसी फैसले के विरोध में बुधवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और अपना दल कमेरावादी के हजारों कार्यकर्ता वाराणसी नगर निगम पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम परिसर में नारेबाज़ी करते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा और निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि नगर निगम का यह फैसला सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर सीधा असर डालेगा। उन्होंने मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित दुकानदारों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब देखना होगा कि नगर निगम अपने फैसले पर कायम रहता है या विरोध के बाद इसमें कोई बदलाव किया जाता है।
