अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख उत्सव पानीहाटी दही-चिउड़ा महोत्सव के अवसर पर स्वामी भक्ति वेदांत मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में दंड महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।
महोत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन मंगल आरती से हुई, जिसके बाद भगवान श्री राधा-वृंदावन चंद्र की धूप आरती, आकर्षक श्रृंगार और छप्पन भोग अर्पित किया गया। विशेष आकर्षण के रूप में आमों से निर्मित मनमोहक कुंज ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा, जिसे भक्तों ने अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव बताया।
संध्या बेला में नित्यानंद प्रभु और गौरांग महाप्रभु के श्रीविग्रह की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। इसके बाद मंदिर प्रांगण स्थित कल्याणी में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पुष्प महाभिषेक संपन्न हुआ।
महोत्सव का सबसे आकर्षक दृश्य नौका विहार रहा, जब पुष्पों से सुसज्जित नौका में विराजित श्रीश्री गौर-निताई के विग्रह जल में भ्रमण करते नजर आए। हरिनाम संकीर्तन, दीपों की रोशनी और पुष्प वर्षा के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु दर्शन कर भावविभोर होते दिखे और पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने कहा कि यह महोत्सव प्रेम, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस भव्य आयोजन का आनंद लिया।
