अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर के कहलगांव स्थित एनटीपीसी के जीवन ज्योति अस्पताल में सर्पदंश के एक गंभीर मामले का सफल उपचार कर 18 वर्षीय युवक को नया जीवन दिया गया। झारखंड के डाल्टनगंज (पलामू) निवासी मनदीप उरांव को पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल से विदा होते समय युवक के चेहरे की मुस्कान और परिजनों की कृतज्ञता उपचार की सफलता की कहानी बयां कर रही थी।
जानकारी के अनुसार 18 जून को सर्पदंश के लगभग एक घंटे बाद युवक को घोघा से देर रात एनटीपीसी अस्पताल लाया गया। जांच में न्यूरोपैरालिटिक सर्पदंश के लक्षण पाए गए, जिसके बाद चिकित्सकों ने तत्काल एंटी स्नेक वेनम (ASV) सहित आपातकालीन उपचार शुरू किया।
इलाज के दौरान मरीज की श्वसन क्षमता लगातार गिरने लगी, जिसे देखते हुए डॉ. बबीता ने समय रहते इंट्यूबेशन कर मरीज को बैग एवं ट्यूब वेंटिलेशन पर रखा और आवश्यक क्रिटिकल केयर प्रदान की। उनकी त्वरित चिकित्सा से मरीज को गंभीर श्वसन विफलता से उबारने में सफलता मिली।

करीब 52 घंटे तक मरीज को वेंटिलेशन सपोर्ट पर रखा गया। इस दौरान 66 वायल एंटी स्नेक वेनम, ऑक्सीजन, तरल एवं पोषण सहायता, गहन नर्सिंग देखभाल और सतत चिकित्सकीय निगरानी दी गई। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और स्वयं सांस लेने की क्षमता लौटने पर उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेशन से हटाकर स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कृष्ण कांत चौधरी ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें, बल्कि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। समय पर एंटी स्नेक वेनम और श्वसन सहायता से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि एनटीपीसी कहलगांव द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत हर वर्ष 500 से अधिक सर्पदंश पीड़ितों का निःशुल्क इलाज किया जाता है। अस्पताल में 24×7 आपातकालीन सेवाएं, पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम और प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण लगातार गंभीर मरीजों का सफल उपचार किया जा रहा है।
